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From my crying pen #2...

Har ibaadat me shaamil,
Tu is tarah hua hai, k
Rab se saansen mangti hun,
To bas tere sang
Jeene k liye...

Har Khwaab me haasil,
Tu is tarah hua hai, k
Shab ka intezaar karti hun,
To bas ek or baar
Tujhe paane k liye...

Meri kashti ka saahil,
Tu is tarah hua haa, k
Lahron se lad jaati hun,
To bas tujhme
Simat jaane k liye...


Comments

  1. Beautiful, bountiful :) This was really very heart touching & the meaning was so deep. You are such a lovely poet Aayu !! :) Please write more such hindi poems :) I loved it !

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  2. Heart touching words..
    http://modonika.blogspot.in/2013/02/enter-to-win-modonika-jewelry-giveaway.html

    ReplyDelete
  3. सुन्दर कविता आयुषी जी

    ReplyDelete

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