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Showing posts from March, 2020

बचपन की पोटरी: किस्सा पहले ऑपरेशन का ...!

"मम्मी दर्द तो नहीं होगा ना ? पापा-पापा दर्द तो नहीं होगा ना ?"
10th के एक्साम्स के बाद मेरी एक छोटी सी सर्जरी होनी थी जिसके लिए मैं, मम्मी और पापा हॉस्पिटल आये थे। हॉस्पिटल वही सरकारी वाला। एक छोटे से शहर के छोटे से सरकारी हॉस्पिटल से, वो भी 2007 में आप क्या ही उम्मीद करेंगे। कहाँ OPD कहाँ ICU कहाँ Emergency कुछ नहीं पता। सारे पेशेंट्स एक ही हाल में बस अपने नाम बोले जाने का इंतज़ार कर रहे थे। 
क्यूंकि ये मेरी पहली सर्जरी थी (इसके बाद कई मौके दिए ऊपर वाले ने OT में जाने के ), मैं बहुत बुरी तरह से डरी हुई थी। हालत एकदम कसाई के बकरे जैसी थी। पता है कटने वाला है फिर भी भाग नहीं सकता। मैंने उस दिन दूध वाले भैया से , काम वाली आंटी से , नर्स से और बगल में बैठी एक बूढ़ी दादी से ये पूछकर कन्फर्म कर लिया था के दर्द नहीं होगा। पर फिर भी हर १० मिनट् बाद मेरा अलार्म बज जाता और मैं "मम्मी दर्द तो नहीं होगा ना ? पापा दर्द तो नहीं होगा ना ?" शुरू हो जाती। 
इंतज़ार करते करते हमे करीब 40 मिनट हो चुके थे और मेरा अलाप वापस शुरू होने ही वाला था कि अचानक हॉल में हल-चल बड़ गई। कुछ लोग बहुत त…