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Showing posts from 2020

एक आम सी शाम ...!

हर शाम की तरह एक आम सी शाम है। शर्मा जी , मिश्रा जी , खान साहब और कांट्रेक्टर बाबू अपनी-अपनी बालकनी में चाय लेकर पहुँच चुके थे। अजी ये कोरोना के चलते अब यूँही दूर-दूर से चाय पीने का दस्तूर ही आम दिनचर्या का हिस्सा बन चूका है। साथ बैठकर चाय पिए तो शायद आरसे बीत गए हैं। 

पर जब आप इस कहानी को पड़ें तो याद रखें, यह हमारे छोटे शहरों के अपार्टमेंट नहीं, जहाँ फ्लैट के अंदर ही फोर व्हीलर पार्किंग और गार्डन भी होता है ।यह मुंबई के अपार्टमेंट हैं, यहाँ अपने-अपने घरों में रहकर भी आराम से बात हो सकती है। आमने-सामने के फ्लैट में दूरी कितनी ? बस २ गज़। तभी मोदी जी ने २ गज़ दूरी तय की है सोशल डिस्टैन्सिंग के लिए , वरना मुम्बइकर्स को एक फ्लैट छोड़ एक में शिफ्ट होना पड़ता। 

खैर, आम तौर पर रोज़ चाय पर चर्चा शुरू करने वाले शर्मा जी आज ज़रा चुप हैं ।
"क्या हुआ शर्मा जी ? ये बिना मुद्दे के विपक्ष जैसी शक्ल क्यूँ बनाई हुई है ?" उनके बगल वाले फ्लैट में रहने वाले मिश्रा जी ने पूछा।
"परसों जो आपसे चाय का कप टूटा था, वो पता चल गया क्या भाभी जी को? " मिश्रा जी के सामने रहने वाले खान साहब मज़े लेते हु…

बचपन की पोटरी: किस्सा पहले ऑपरेशन का ...!

"मम्मी दर्द तो नहीं होगा ना ? पापा-पापा दर्द तो नहीं होगा ना ?"
10th के एक्साम्स के बाद मेरी एक छोटी सी सर्जरी होनी थी जिसके लिए मैं, मम्मी और पापा हॉस्पिटल आये थे। हॉस्पिटल वही सरकारी वाला। एक छोटे से शहर के छोटे से सरकारी हॉस्पिटल से, वो भी 2007 में आप क्या ही उम्मीद करेंगे। कहाँ OPD कहाँ ICU कहाँ Emergency कुछ नहीं पता। सारे पेशेंट्स एक ही हाल में बस अपने नाम बोले जाने का इंतज़ार कर रहे थे। 
क्यूंकि ये मेरी पहली सर्जरी थी (इसके बाद कई मौके दिए ऊपर वाले ने OT में जाने के ), मैं बहुत बुरी तरह से डरी हुई थी। हालत एकदम कसाई के बकरे जैसी थी। पता है कटने वाला है फिर भी भाग नहीं सकता। मैंने उस दिन दूध वाले भैया से , काम वाली आंटी से , नर्स से और बगल में बैठी एक बूढ़ी दादी से ये पूछकर कन्फर्म कर लिया था के दर्द नहीं होगा। पर फिर भी हर १० मिनट् बाद मेरा अलार्म बज जाता और मैं "मम्मी दर्द तो नहीं होगा ना ? पापा दर्द तो नहीं होगा ना ?" शुरू हो जाती। 
इंतज़ार करते करते हमे करीब 40 मिनट हो चुके थे और मेरा अलाप वापस शुरू होने ही वाला था कि अचानक हॉल में हल-चल बड़ गई। कुछ लोग बहुत त…